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क्रिप्टो टैक्स भारत 30%: VDA, 1% TDS और Schedule VDA गाइड

क्रिप्टो टैक्स भारत 30%: VDA पर टैक्स, 1% TDS, नुकसान के नियम, Schedule VDA और 1 अप्रैल 2026 से नए आयकर कानून के धारा नंबर, आसान भाषा में।

9 min readHindiby The Crypto Hub

आपने बिटकॉइन एक एक्सचेंज पर खरीदा, फिर उसे दूसरे एक्सचेंज पर भेजकर बेच दिया। अब ITR भरने बैठे हैं तो दूसरे एक्सचेंज की CSV में बिक्री तो दिख रही है, लेकिन खरीद की कीमत कहीं नहीं है। तीन एक्सचेंज के P&L स्क्रीन तीन अलग आंकड़े बता रहे हैं। और AIS में TDS की एंट्रियाँ अलग-अलग नामों से पड़ी हैं।

भारत में क्रिप्टो टैक्स 30% का नियम सीधा है, लेकिन हिसाब हर ट्रेड का देना पड़ता है। इस गाइड में जानिए नियम क्या हैं, कौन-सा कानून किस साल लागू है, और कई एक्सचेंज के TDS व Schedule VDA का मिलान कैसे करें।

पहले यह समझें: 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून

आयकर अधिनियम, 2025 (Income-tax Act, 2025) 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है। इसने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह ली है। नए कानून में "असेसमेंट ईयर" और "प्रीवियस ईयर" की जगह एक ही "टैक्स ईयर" (tax year) है, जो 1 अप्रैल से शुरू होने वाले 12 महीने का होता है।

इसलिए धारा नंबर दो सेट में चलेंगे:

  • वित्त वर्ष 2025-26 की कमाई (AY 2026-27 का रिटर्न): पूरी तरह पुराना 1961 वाला कानून लागू है। यहाँ धारा 115BBH (30% टैक्स), धारा 194S (1% TDS) और धारा 2(47A) (VDA की परिभाषा) चलेंगी। रिटर्न 1 अप्रैल 2026 के बाद भरें या संशोधित करें, तब भी कानून पुराना ही रहेगा।
  • टैक्स ईयर 2026-27 (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027) की कमाई: नया 2025 वाला कानून लागू है। 30% टैक्स अब धारा 194(1) की तालिका के क्रम संख्या 4 में है, 1% TDS धारा 393(1) की तालिका के क्रम संख्या 8(vi) में है, और VDA की परिभाषा धारा 2(111) में है। इसका रिटर्न 2027 में भरा जाएगा।

विभाग के मुताबिक AY 2026-27 और टैक्स ईयर 2026-27 दो अलग दायित्व हैं।

30% टैक्स: क्या घटता है, क्या नहीं

आभासी डिजिटल संपत्ति (Virtual Digital Asset, VDA) के ट्रांसफर से हुई आय पर सीधा 30% टैक्स लगता है। इसके ऊपर लागू होने पर सरचार्ज और 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस भी लगता है। VDA में क्रिप्टोकरेंसी, NFT और सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य डिजिटल एसेट आते हैं।

सबसे जरूरी बात यह है कि आय निकालते समय सिर्फ खरीद की लागत (cost of acquisition) घटाई जा सकती है। इसके अलावा कोई खर्च या अलाउंस नहीं घटता। ट्रेडिंग फीस को लागत में गिना जाए या नहीं, इस पर अपने CA से बात करें।

यह दर आपके इनकम स्लैब से अलग है। बाकी आय कम हो, तब भी VDA आय पर 30% ही लगेगा।

नुकसान का क्या होगा: सेट-ऑफ नहीं, कैरी फॉरवर्ड नहीं

यहीं ज्यादातर ट्रेडर चौंकते हैं। VDA के ट्रांसफर से हुआ नुकसान:

  • किसी दूसरी आय (सैलरी, बिजनेस, शेयर के कैपिटल गेन) से सेट-ऑफ नहीं होगा।
  • अगले सालों में कैरी फॉरवर्ड भी नहीं होगा।
  • आयकर विभाग के VDA मार्गदर्शन के अनुसार एक VDA का नुकसान दूसरे VDA के मुनाफे से भी नहीं घटेगा।

नए कानून की धारा 194 की तालिका में भी यही शर्तें हैं। मान लें ETH पर ₹50,000 का घाटा हुआ और BTC पर ₹1,20,000 का मुनाफा, तो भी टैक्स पूरे ₹1,20,000 पर लगेगा।

1% TDS: किस पर, कब और कौन काटता है

VDA के ट्रांसफर पर मिलने वाली रकम पर 1% स्रोत पर कर कटौती (Tax Deducted at Source, TDS) होती है। यह नियम धारा 194S के तहत 1 जुलाई 2022 से लागू है। नए कानून में यही 1% दर धारा 393(1) में है। विभाग ने कहा है कि TDS की दरें और सीमाएँ नए कानून में भी वही रखी गई हैं।

TDS कब नहीं कटेगा:

  • अगर खरीदार "स्पेसिफाइड पर्सन" (specified person) है और साल भर में कुल रकम ₹50,000 से ज्यादा नहीं है।
  • अगर खरीदार कोई और है और साल भर में कुल रकम ₹10,000 से ज्यादा नहीं है।

स्पेसिफाइड पर्सन वह व्यक्ति या HUF है जिसका पिछले साल का बिजनेस टर्नओवर ₹1 करोड़ (प्रोफेशन में ₹50 लाख) से ज्यादा नहीं था, या जिसकी बिजनेस/प्रोफेशन से कोई आय ही नहीं है।

TDS कौन काटेगा, यह CBDT के दिशानिर्देशों (Circular 13/2022) पर आधारित विभाग के मार्गदर्शन में बताया गया है:

  • एक्सचेंज के जरिए सौदा हो और एक्सचेंज ही विक्रेता को भुगतान करे, तो TDS एक्सचेंज काटेगा।
  • बीच में ब्रोकर हो, तो जिम्मेदारी एक्सचेंज और ब्रोकर दोनों की है। लिखित समझौता हो तो अकेला ब्रोकर काट सकता है।
  • एक्सचेंज खुद अपना VDA बेच रहा हो, तो मुख्य जिम्मेदारी खरीदार या उसके ब्रोकर की है।
  • खरीदार-विक्रेता एक-दूसरे को जानते हों और सीधे (OTC) सौदा करें, तो TDS खरीदार काटेगा।

P2P सौदों पर विभाग की अलग साफ लाइन हमें नहीं मिली, इसलिए अपने केस में CA से पुष्टि करें।

नए कानून में ट्रांज़िशन का नियम भी जान लें। क्रेडिट या भुगतान में से जो पहले हो, वह 31 मार्च 2026 तक हुआ तो 1961 का कानून लगेगा। वह 1 अप्रैल 2026 या बाद में हुआ तो 2025 का कानून लगेगा। खुद TDS काटने वाले व्यक्ति के लिए पुराना Form 26QE अब Form 141 में शामिल है, और एक्सचेंज का तिमाही स्टेटमेंट Form 26QF की जगह Form 142 में जाता है।

Finance Act 2025 ने VDA की परिभाषा में "क्रिप्टो-एसेट" को साफ शब्दों में जोड़ा और तय रिपोर्टिंग संस्थाओं से क्रिप्टो-एसेट लेन-देन की जानकारी लेने का प्रावधान (धारा 285BAA) बनाया। विभाग के अनुसार ये बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू हैं।

Schedule VDA: हर ट्रांसफर अलग लाइन में

ITR-2 और ITR-3 दोनों में अलग "Schedule VDA" है। अगर VDA आपकी कैपिटल गेन की आय है तो आमतौर पर ITR-2, और अगर आप इसे बिजनेस आय की तरह दिखाते हैं तो ITR-3 लागू होगा। बिजनेस या प्रोफेशन की आय वाले लोग ITR-2 नहीं भर सकते।

Schedule VDA में हर ट्रांसफर के लिए यह देना होता है:

  • खरीद की तारीख (date of acquisition)
  • ट्रांसफर की तारीख (date of transfer)
  • आय का हेड: बिजनेस या कैपिटल गेन
  • खरीद की लागत (cost of acquisition)
  • मिली रकम (consideration received)
  • आय, यानी मिली रकम में से लागत घटाकर

AY 2026-27 के ITR-2 वैलिडेशन नियमों में कुछ चेक साफ लिखे हैं। खरीद या ट्रांसफर की तारीख 31 मार्च के बाद की नहीं हो सकती। Schedule VDA का कुल जोड़ Schedule CG में दिखाई गई VDA आय से मेल खाना चाहिए। और अगर आपने VDA वाला TDS क्लेम किया है लेकिन उस हिसाब से VDA आय नहीं दिखाई, तो रिटर्न पर डिफेक्ट का सवाल उठ सकता है।

गिफ्ट में मिला VDA भी टैक्स के दायरे में है। धारा 56(2)(x) में "property" की परिभाषा में VDA शामिल है। विभाग के अनुसार साल भर में ऐसे गिफ्ट का कुल बाजार मूल्य ₹50,000 से ज्यादा हो, तो पूरा मूल्य टैक्सेबल है, सिर्फ ऊपर का हिस्सा नहीं। रिश्तेदार से, शादी के मौके पर या वसीयत/विरासत में मिले गिफ्ट जैसे कुछ मामलों में छूट है। नए कानून में यही नियम धारा 92(2)(m) में है, और वहाँ भी "property" में VDA शामिल है। बाद में वह VDA बेचने पर Schedule VDA में लागत की जगह वह रकम लिखी जाती है जिस पर गिफ्ट के समय टैक्स चुका था।

कई एक्सचेंज, कई TDS: 26AS, AIS और TIS का मिलान

हर एक्सचेंज अपना TDS आपके PAN पर अपने नाम (डिडक्टर) से जमा करता है। इसलिए तीन एक्सचेंज इस्तेमाल किए हैं तो TDS तीन अलग डिडक्टर के नाम से दिखेगा।

कहाँ देखें:

  • Form 26AS (TRACES पर): इसमें अब सिर्फ TDS/TCS की जानकारी आती है।
  • AIS (Annual Information Statement): इसके Part B में TDS की एंट्रियाँ दिखती हैं। गलत एंट्री पर आप फीडबैक दे सकते हैं।
  • TIS (Taxpayer Information Summary): यह AIS की जानकारी को कैटेगरी के हिसाब से जोड़कर दिखाता है।

मिलान का तरीका:

  • हर एक्सचेंज की रिपोर्ट से साल का कुल TDS निकालें और 26AS/AIS से डिडक्टर-वार मिलाएँ।
  • रिटर्न में TDS क्रेडिट क्लेम करें। विभाग के अनुसार क्रेडिट उतना ही मिलेगा जितना 26AS में दिख रहा है।
  • TDS गायब या गलत है, तो एक्सचेंज (डिडक्टर) से संशोधित TDS रिटर्न भरवाना होगा। विभाग ने चेताया है कि ट्रांज़िशन के समय पुराने एक्ट का धारा नंबर गलत डालने से भी मिसमैच हो सकता है।
  • रिटर्न भर चुके हैं और 143(1) इंटिमेशन नहीं आया, तो संशोधित रिटर्न भर सकते हैं। इंटिमेशन आ चुका है, तो रेक्टिफिकेशन रिक्वेस्ट डालें।

उदाहरण: दो एक्सचेंज, एक मुनाफा, एक घाटा

यह उदाहरण काल्पनिक है। आंकड़े सिर्फ समझाने के लिए हैं। मान लें यह वित्त वर्ष 2025-26 का है, सरचार्ज नहीं लगता, और फीस को अलग रखा गया है।

राहुल ने एक्सचेंज A पर 0.1 BTC ₹5,00,000 में खरीदा। फिर उसे एक्सचेंज B पर भेजा और वहाँ ₹6,20,000 में बेच दिया। एक्सचेंज B की CSV में खरीद की कीमत नहीं है, क्योंकि कॉइन बाहर से आया था। लागत एक्सचेंज A के रिकॉर्ड से लेनी होगी।

  • BTC का मुनाफा: ₹6,20,000 − ₹5,00,000 = ₹1,20,000
  • एक्सचेंज B ने TDS काटा: ₹6,20,000 का 1% = ₹6,200

राहुल ने एक्सचेंज A पर ETH ₹2,00,000 में खरीदा और ₹1,50,000 में बेचा।

  • ETH का घाटा: ₹1,50,000 − ₹2,00,000 = −₹50,000
  • एक्सचेंज A ने TDS काटा: ₹1,50,000 का 1% = ₹1,500

अब टैक्स:

  • टैक्सेबल VDA आय: ₹1,20,000 (ETH का घाटा घटेगा नहीं)
  • 30% टैक्स: ₹1,20,000 × 30% = ₹36,000
  • 4% सेस: ₹36,000 × 4% = ₹1,440
  • कुल टैक्स: ₹36,000 + ₹1,440 = ₹37,440
  • कुल TDS क्रेडिट: ₹6,200 + ₹1,500 = ₹7,700
  • बाकी देय टैक्स: ₹37,440 − ₹7,700 = ₹29,740

अगर घाटा घट सकता, तो आय ₹70,000 होती और टैक्स ₹21,000 + ₹840 = ₹21,840 बनता। सेट-ऑफ न मिलने से राहुल ने ₹15,600 ज्यादा दिए। Schedule VDA में दोनों ट्रांसफर अलग लाइन में जाएंगे।

TheCryptoHub कैसे मदद करता है

उदाहरण में सबसे मुश्किल काम था दूसरे एक्सचेंज से BTC की लागत ढूँढना। TheCryptoHub आपके एक्सचेंज से रीड-ओनली या ट्रेड API key से जुड़ता है, कभी भी विड्रॉल अनुमति से नहीं। यह सभी जुड़े एक्सचेंज का एक ही P&L बनाता है। आपके अपने अकाउंट्स के बीच ट्रांसफर मिलाए जाते हैं, ताकि उन्हें बिक्री न गिना जाए।

यह हर कॉइन के FIFO लॉट और होल्डिंग पीरियड सभी एक्सचेंज में ट्रैक करता है। जिस बिक्री की खरीद कीमत नहीं मिलती, उसे छोड़ा नहीं जाता, बल्कि रिव्यू के लिए फ्लैग किया जाता है। भारत TheCryptoHub के Tax Center में अलग से समर्थित देश नहीं है। इसलिए इसे Schedule VDA भरने के लिए शुरुआती आधार की तरह इस्तेमाल करें, खुद फॉर्म की तरह नहीं। अंतिम आंकड़े अपने CA से जाँच लें।

बिना साइनअप के सैंपल डेटा के साथ फ्री डेमो देखें। या Bybit या Binance की ट्रेड-हिस्ट्री CSV फ्री P&L कैलकुलेटर में डालें। फाइल आपके ब्राउज़र से बाहर नहीं जाती, और आपको हर कॉइन का रियलाइज़्ड P&L, फीस, विन रेट और महीने-वार हिसाब मिल जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या भारत में क्रिप्टो पर टैक्स सच में 30% है?

हाँ। VDA के ट्रांसफर से हुई आय पर 30% टैक्स है, साथ में लागू होने पर सरचार्ज और 4% सेस। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह धारा 115BBH में है। टैक्स ईयर 2026-27 से यह नए कानून की धारा 194(1) की तालिका में है। दर नहीं बदली।

क्या मैं एक कॉइन का घाटा दूसरे कॉइन के मुनाफे से घटा सकता हूँ?

नहीं। आयकर विभाग के अनुसार VDA का नुकसान किसी दूसरी आय से, और दूसरे VDA की आय से भी, सेट-ऑफ नहीं होता। इसे अगले साल आगे भी नहीं ले जा सकते।

TDS कट गया, तो क्या टैक्स पूरा हो गया?

नहीं। 1% TDS सिर्फ एडवांस है। आपको पूरी VDA आय पर 30% टैक्स और सेस की गणना करनी है, फिर 26AS में दिख रहे TDS का क्रेडिट लेकर बाकी टैक्स भरना है।

घाटे वाले ट्रेड पर भी TDS कटता है?

हाँ। TDS बिक्री की रकम पर कटता है, मुनाफे पर नहीं। ऊपर के उदाहरण में ETH पर घाटा होने के बावजूद ₹1,500 TDS कटा। इसका क्रेडिट आप रिटर्न में क्लेम कर सकते हैं।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, टैक्स सलाह नहीं। अपनी स्थिति के लिए किसी योग्य CA या टैक्स सलाहकार से बात करें।

अक्टूबर 2026 में अपडेट किया गया।

स्रोत

  1. 01आयकर विभाग: TDS Compliance FAQ (1961 से 2025 एक्ट ट्रांज़िशन)incometax.gov.in
  2. 02आयकर विभाग: Income Tax Returns FAQ (AY 2026-27 बनाम टैक्स ईयर 2026-27)incometax.gov.in
  3. 03आयकर विभाग: ITR-2 FAQ (VDA और Schedule VDA)incometax.gov.in
  4. 04CBDT: ITR-2 Validation Rules, AY 2026-27incometax.gov.in
  5. 05आयकर विभाग: AIS FAQincometax.gov.in
  6. 06आयकर विभाग: Tax Credit Mismatch FAQincometax.gov.in

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